Chanakya Niti: पति-पत्नी के रिश्ते को ऐसे बनाएं मजबूत, इन बातों को कभी न भूलें

Chanakya Niti In Hindi: जीवन के पवित्र रिश्तों में से एक पति और पत्नी का रिश्ता भी होता है. इस रिश्ते पर ही अन्य रिश्तों की बुनियाद टिकी हुई है. ये रिश्ता जितना मधुर और मजबूत होगा जीवन उतना ही खुशहाल होगा. चाणक्य की चाणक्य नीति इस रिश्ते पर क्या कहती है आइए जानते हैं.

Chanakya Niti Hindi: चाणक्य के अनुसार जीवन में वही व्यक्ति खुशहाल है जिसका वैवाहिक जीवन सफल है. वर्तमान समय में दांपत्य जीवन को लेकर कई तरह की नकारात्मक बातें सामने आती रहती हैं. जो सुखद समाज की स्थापना के लिए कतई अच्छा नहीं है. परिवार और समाज एक दूसरे के पूरक हैं. समाज पर परिवार की छवि परिलक्षित होती है. परिवार के सदस्य जितने प्रसन्न और साधन संपंन होंगे, समाज भी उसी तरह से विकास के पथ पर अग्रसर होगा. क्योंकि समाज का निर्माण व्यक्तिओं से ही होता है.

चाणक्य के अनुसार पति और पत्नी का संबंध मधुर और प्रगाढ़ होना चाहिए. इसमें किसी प्रकार का बनावटी पन नहीं होना चाहिए. ये सबसे पवित्र रिश्तों में से एक है. इसलिए इस रिश्ते में किसी प्रकार की रूकावट नहीं होनी चाहिए. ये रिश्ता एक दूसरे का पूरक है. जब व्यक्ति वैवाहिक जीवन में होता है तो उसे इस रिश्ते की मर्यादा और अनुशासन को नहीं तोड़ना चाहिए. ऐसा न करने से यह मजबूत रिश्ता कमजोर होता है जिसके भयानक परिणाम भुगतने पड़ते हैं. इसलिए चाणक्य की इन बातों को ध्यान में रखना चाहिए-

घर के मामले मिलकर निर्णय लें

पति और पत्नी को घर के मामलों में संयुक्त रूप से निर्णय लेना चाहिए. ऐसा करने से यह रिश्ता मजबूत होता है. वहीं जब अकेले निर्णय लिये जाते हैं तो इससे रिश्ता कमजोर होता है और एक दूसरे प्रति सम्मान कम होता है.

घर परिवार की जिम्मेदारी दोनों मिलकर निभाएं

घर परिवार की जिम्मेदारियों को पति और पत्नी को मिलकर उठाना चाहिए. इसमें किसी एक अकेली जिम्मेदारी नहीं होनी चाहिए. ऐसा करने से आने वाली परेशानियों को दूर करने में मदद मिलेगी और घर परिवार में सुख शांति का वातावरण बना रहेगा.

सम्मान से हर चीज को न जोड़ें

वैवाहिक जीवन में जब छोटी-छोटी चीजों को भी सम्मान से जोड़ने की प्रवृत्ति जागृत हो जाती है, तो परेशानी आने लगती है. ये इस रिश्ते के खराब होने की शुरूआत होती है. इसे तुरंत दूर करना चाहिए.

दोनों का सम्मान बराबर है

सम्मान के मामले में पति और पत्नी दोनो का सम्मान बराबर है. जब इसमे भेद किया जाने लगता है तो यह रिश्ता कमजोर होने लगता है. यहीं से क्लेश और मनमुटाव की शुरूआत होती है जो समय रहते ठीक न किया गया तो अच्छे परिणाम नहीं आते हैं.

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